संघर्ष और सफलता की अद्भुत दास्तां: कैसे एक पोलियोग्रस्त लड़की दुनियां की तेज धावक बनी।


जब इंसान आगे बढ़ने की ठान लेता है तो उसे कोई भी नही रोक सकता चाहे कितनी ही मुसीबत आये वो अपने लक्ष्य को पा ही लेता है। बस जरूरत है तो थोड़ा सा साहस और इच्छासक्ति कि ऐसी ही एक सच्ची कहानी है एक लड़की की कैसे कठिन समय मे भी वो इतिहास बनाने में कामयाब हुई।

Blanche ओर ed के घर एक अर्धविकसित लड़की का जन्म हुआ। वो दोनों बहुत ग़रीब थे। बस मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पाल रहे थे।उन दोनों पर उस समय मुसीबतों का पहाड़ टूट गया। जब उन्हें पता चला कि उनकी बची को पोलियो की बीमारी है।वो बहुत गरीब थे पर फिर भी उन्होने उसका इलाज करवाया। इस से उस लड़की का पोलियो तो ठीक हो गया पर उसका बाँया पेर बिल्कुल कमजोर हो गया। डॉक्टर ने उसको leg brace लगा दिया ओर बोले इसके बगैर ये नही चल सकती।

उस लडक़ी को ये बिल्कुल अच्छा नही लगा वो तो खेलना,कूदना चाहती थी।वो इस सहारे के दम पर नही खुद के दम पर जीना  चाहती थी। पर अब वो क्या कर सकती थी।

पर एकदिन वो अपने घर के बाहर बैठी थी और पड़ोस के बच्चों को खेलते हुवे देख रही थी। उनको देखकर उसको भी खेलने का मन हुवा ओर वो अपना leg brace को निकाल कर उठने लगी और गिर गयीं।वो मायूस हो कर बैठ गयी।उसकी माँ उसको देख रही थी। वो अपनी बेटी के पास आकर प्यार से बोली देखो बेटी इस दुनिया मे कुछ भी मुश्किल नही इंसान कुछ भी पा सकता है बस उसके पास उस काम को करने की इच्छाशक्ति और साहस होना चाहिए।फिर क्या था उस लड़की की दबी हुई इच्छा फिर से जाग गयी और उसने ठान लिया की अब वो बिना सहारे के चल कर दिखायेगी। फिर क्या था शुरू हो गया उसका सफर।उसने leg brace खोल दिया और दोस्तो ओर परिवार वालों की सहायता से चलना शुरू कर दिया। इसमे उसको बहुत दर्द होता पर  उसने हिमत नही हारी ओर सालों की कठिन मेहनत के बाद वो धीरे धीरे चल सकती थी पर उसको तो दौड़ना था। तो उसने अपने स्कूल के sport team को join कर लिया। इस दौरान उसको काफी मुश्किलें आयी पर उसने हार नहीं मानी। फिर उसको एक रेस में हिस्सा लेने का मौका मिला। उसमे वो सबसे last आयी इसी तरह उसने कई tournaments में हिस्सा लिया पर हर बार वो last ही आती थी। पर उसने अपने आप को कभी झुकने नही दिया ओर धीरे धीरे उसके प्रदर्शन में सुधार होने लगा। और अपने प्रदर्शन के दम पर वो 1956 के summer olympics में भाग लेने melbourne पहुँच गयी। वहाँ पर उसने 4×100 Riley में   bronze medal जीता।पर वो यही पर नही रुकी उसको तो ओर आगे जाना था। फिर आया 1960 summer ओलिंपिक Rome में इस ओलम्पिक में उसने उस समय की सबसे तेज धावक को हराया ओर बन गयी दुनिया की सबसे तेज धावक ।

उस ओलिंपिक में उसने 3 gold medals जीत के इतिहास बना दिया

उस लड़की का नाम था 1960 के समय की सबसे तेज़ धावक” WILMA RUDOLF”

तो जब इंसान के पास कुछ करने की चाह है तो वो कर के ही रहता है। इसलिए कभी भी हिम्मत मत हारो चाहे कितनी ही परेशानियां क्यों न आये। हमेशा अपने आप पर भरोसा रखो।
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Author: my640

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